भगवान कृष्ण के कुछ रहस्य

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सत्यम् शिवम सुन्दरम मे जो सुन्दरम शब्द है वो भगवान कृष्ण के लिये ही है .अपने श्रेष्ठ गुणो , सकारात्मक मानसिकता और हंसमुख स्वभाव से उन्होने दुख पर जीत हासिल करली और इस दुनिया के सबसे सुन्दर व्यक्ति कहलाये .सांवला रंग होते हुवे भी अपनी अच्छाई से सबको मोह के उन्होने सुन्दरता का सही मतलब सार्थक किया.श्री कृष्ण का जन्म 5000 साल पहले द्वापर युग मे हुवा था उस  वक्त लोगो की ऊंचाई करीब 25 -30 फुट हुवा  करती और  लोग 1000 साल तक जीते थे .
राधा और गोपियो का रहस्य – अगर कृष्ण भगवान विष्णु का अवतार थे तो राधा भी विष्णु का ही रुप थी इसीलिये दोनो दो जिस्म और एक जान कहे जाते है.रही बात गोपियो कि तो वे  सब पिछले जन्म मे महान तपस्वी पुरुष थे जो  भगवान विष्णु का प्रेम पाना चाहते थे उनकी ये इच्छा उन्होने कृष्ण के रुप मे रास रचा के अलौकिक ढंग से पूरी की. इसके अलावा श्री कृष्ण का उद्देश्य  नारी  के अधिकारो का संदेश देना भी था चुंकि त्रेता युग मे जब वे श्री राम थे तो स्त्रियां  जाने अंजाने या संयोग से अगर पराये  पुरुष के साथ  वक्त बिता लेती थी तो उन्हे अपनी पवित्रता का प्रमाण देना पड़ता था यही नही प्रमाण न देने पर उन्हे समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता था एसे मे उनके पास आत्महत्या का विकल्प ही शेष बचता था .श्री राम  विवश थे और इस समस्या का समाधान नही कर पाये .यही कारण है कि गोपियो का जब भी दिल करता  वे अपनी मर्जी के अनुसार जितना चाहे उतना वक्त  कृष्ण के साथ बिताती थी  इसपे कोई कभी भी एतराज नही जता पाया और गोपियां पवित्र स्त्रियां कहलाई .
रुक्मिणी, सत्यभामा सहित 16108 पत्नियो का रहस्य –  श्री कृष्ण की पहली पत्नी रुक्मिणी अगर  देवी लक्ष्मी का अवतार  थी तो सत्यभामा  भी वैष्णो देवी का अवतार थी  यही कारण था कि नरकासुर को मारने के लिये  जब एक स्त्री की जरुरत पड़ी तो उन्होने सत्यभामा को ही चुना .वैष्णवी  हमेशा भगवान विष्णु को ही अपना पति मानती थी पर उन्होने ये अधिकार सिर्फ माता लक्ष्मी को ही दिया था  वैष्णवी  ने वर्षो तपस्या की फिर  भी त्रेता युग मे जब श्री राम  हुवे तब भी एक पत्नीव्रत होने की वजह से उन्होने वैष्णवी को स्वीकार नही किया .यही कारण है कि सत्यभामा  सब पत्नियो  मे सबसे ज्यादा नखरीली थी पर कृष्ण ने उनके नखरे उठा कर पुराना सारा हिसाब बराबर कर लिया . ये दोनो पत्नियो और जामवन्ती सहित कुल आठ पटरानियां थी प्रत्येक से उनके दस -दस पुत्र थे .
          अब बात की जाये अगर 16100 अन्य शादियो की तो ये  विवाह एक साथ हुवे थे दरसअल जब सत्यभामा के सहयोग से कृष्ण ने नरकासुर का वध किया तो उसकी कैद से 16100 कन्याओ को आजाद  हुई  किन्तु  वे खुश नही थी क्योकि जैसा कि पहले से होता हुवा आया था तो उन्हे पता था कि नरकासुर के साथ रहने कि वजह से कोई उन्हे स्वीकार नही करेगा न ही कोई उनसे विवाह करेगा इस कारण वे जीना नही चाहती थी तब उन सभी की जान बचाने के लिये कृष्ण ने उन सब के समक्ष  विवाह का प्रस्ताव रखा जिसे उन कन्याओ ने खुशी से स्वीकार किया
उस  वक्त के हिसाब से समस्या हल इससे बेहतर  नही था .
समाज से तिरस्कृत कन्याओ से विवाह करने पीछे का एक रहस्य ये भी था पिछले जन्म मे   रावण की कैद मे होने की वजह से श्री राम को  मजबूरीवश अपनी पत्नी सीता का त्याग करना पड़ा  था (अग्नि परीक्षा देकर पवित्रता का प्रमाण देने के बावजूद भी ) . उन्होने  ऐसे  विवाह करके समाज को नई मिसाल दी .
श्री कृष्ण की मृत्यू – श्री कृष्ण के वंशजो को गुरूर होगया था कि उनके पिता स्वयं भगवान है इसलिये कोई उनका कुछ नही बिगाड़ सकता वे मदिरापान करने लगे .
श्री कृष्ण के समझाने पर वे उन पर ही भड़क उठे इस पर क्रोधित हुवे  उनके बड़े भाई बलराम ने दण्डित करने करने की कोशिश की तो कृष्ण मे उन्हे रोक लिया और अपना  वक्त पूरा होने बात कही. दरसअल कलियुग की शुरुआत होचुकी  थी और लोगो की मानसिकता तेजी से बदल रही थी और पहले जैसी सम्मान की भावना नही रही थी. ‘एसे लोगो को समझाने के लिये अब कृष्ण के शरीर की जरुरत नही बल्कि नये रुप की जरुरत है’ कुछ इस तरह कि बातो का चिंतन वे एक पेड़ के नीचे बैठे कर रहे थे कि एक बहेलिये का तीर धोखे से उनके पैर पर लगा और उन्होने अपना शरीर त्याग दिया .
भगवान कृष्ण के महान भक्तो मे न सिर्फ हिन्दु बल्कि मुस्लिम और विदेशी  भी रहे है .
ईश्वर एक  ही है  जैसे जैसे हम हिन्दु मुस्लिम या कोई भी जाति या धर्म मे बंटते चले गये तो ईश्वर वैसे वैसे जन्म लेकर हमारे बीच प्रकट होता गया .
जियो और जीने दो वाली सोच मे विश्वास रखने वाले श्री कृष्ण की भूमिका कई एक्टर्स ने निभाई है जिनमे नितीश भरद्वाज ( बी. आर. चोपड़ा की महाभारत के कृष्ण )
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सबसे आगे है क्योकि उन्हे किसी रोल मे पसन्द ही नही किया गया पर उन्हे टी वी के कृष्ण का तमगा जरुर मिल गया . उनके अनुसार आज भी कई जगहो पर उनके ऐसे फैन है जो उन्हे कृष्ण जैसा सम्मान देते है . उनके बाद स्वेप्नेल जोशी (श्री कृष्णा)  ने भी दर्शको को खूब मोहा .
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नये जमाने मे कई टी वी सीरियल मे विष्णु की भूमिका निभाने वाले सौरभ राज जैन कृष्ण के रोल मे  (महाभारत 2014)  खूब पसन्द किये गये .

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